हमारे सीनियर्स के लिए………. बी.टेक. की यादें !
राह देखी थी इस दिन की कबसे, आगे के सपने सजा रखे थे ना जाने कब से . बड़े उतावले थे यहाँ से जाने को ,ज़िन्दगी का अगला पडाव् पाने को . पर ना जाने क्यों …दिल में आज कुछ और आता है ,वक़्त को रोकने का [...]






